
मंडी। खाद्य आपूर्ति निगम की करसोग गैस एजेंसी में हुए गोलमाल मामले में विभाग ने पाई-पाई वसूल कर ली है। निगम की सख्ती और पुलिस का शिकंजा कसने के बाद गोलमाल की सारी राशि रिकवर हो चुकी है। दोषियाें से कुल 32 लाख 34 हजार रुपये वसूल कर लिए हैं। यह सारी राशि उपभोक्ताओं को वापस की जाएगी। इसकी प्रक्रिया निगम ने शुरू कर दी है। राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाएगा। जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि गैस एजेंसी का सारा लेखाजोखा और कैश प्रभारी अपने पास रखता था। पुलिस के मुताबिक रिकवरी की सारी राशि एजेंसी प्रभारी ने दो किस्तों में चुकाई है।
गैस सिलेंडर पर डीबीटी के तहत उपभोक्ताआें को मिलने वाली सब्सिडी के नाम पर 31,50,000 रुपये का गोलमाल हुआ था। जांच में गैस एजेंसी कार्यालय से सिलेंडर भी कम पाए गए थे। इस पर 84,000 रुपये की अतिरिक्त रिकवरी की गई है। 5800 के लगभग उपभोक्ताआें को चूना लगाया था। करसोग थाना के प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि जांच में पता चला है कि इस मामले में गैस एजेंसी प्रभारी की मुख्य भूमिका रही है। इसमें गोलमाल की सुई गैस एजेंसी प्रभारी की तरफ भी घूम रही है। पूछताछ में एजेंसी सहायक ने भी गैस एजेंसी प्रभारी पर आरोप लगाए हैं। पुलिस को दिए बयान में सहायक ने बताया है कि उसने गैस एजेंसी प्रभारी को आगाह किया था। पुलिस के मुताबिक जिन उपभोक्ताओं के खाते आधार लिंक से नहीं जुड़े थे उन्हें चार सौ सताइस रुपये में सिलेंडर मिलना था लेकिन उपभोक्ताआें को 928 रुपये के हिसाब से सिलेंडर दिया गया। निगम का साफ्टवेयर भी 928 रुपये सिलेंडर की कीमत उठाता था। गैस एजेंसी कार्यालय में गड़बड़ी कर एक सिलेंडर से पांच सौ एक रुपये निकाल लिए
जाते थे।
चेक के माध्यम से होगा भुगतान
खाद्य आपूर्ति निगम के मंडलीय प्रबंधक राकेश चड्ढा ने बताया कि सारी राशि रिकवर कर ली है। उपभोक्ताआें को चेक के माध्यम से राशि का भुगतान किया जाएगा। करीब ढाई हजार उपभोक्ताआें के नाम पर चेक बना दिए हैं।
